खून दान : जीवन दान
खून दान : जीवन दान
ककरो जिनगी बचाना, बड़ पुन के बुता आय। आज चारो कोती रद्दा मन चकाचक होवत जात हे। मोटर-गाड़ी मन बड़ रेस म भागत जात हे। रद्दा म चेतवनी घलो लिखाय रथे- ‘जल्दी ले देर भली, जिनगी अमोल’, ‘धीरे चलव, सुरक्षित रहव।’ लोगन मन सब पढ़े-लिखे हावय। पढथे त, फेर पढ़े ल अपन जिनगी म उतारय नई। रद्दा म लिखाय नारा अउ चेतावनी मनखे मन के सुरक्षा खातिर होथे। फेर पढके जानके अनदेखा करई आजकल फेशन बन गे हे।
मोटर गाड़ी मनमाने रेस म चलई, टेस मरई खास करके नवा-नवा चलईया लइका मनके जीवनचर्या म समा गे हे। अइसने मोटर-गाड़ी चलइया मनके सेती आए दिन जगा-जगा एक्सीडेंट होए के जानकारी मिलथे। कतको झन के माड़ी-कोहनी, मूड़-कान ह घलो फूट जथे। पूरा खूने-खून हो जथे। लकर-धकर अस्पताल लेगे के व्यवस्था करे जाथे। कइ घंव खून जादा बोहा के सेती खून चघाए ल परही अइसे डॉक्टर मन कथे।
लकर-धकर खून के व्यवस्था करे बर परथे। ब्लड बैंक म जाबे त कइ घंव खून नई मिलय। त चेत आथे लोगन मन ल खून दान करना चाही। त खून दान कोन करय अउ कब करय? उत्ता-धुर्रा कोनो खून देवइया के जुगाड़ करे ल परथे।
कभू कोनो ल कांही खातिर अस्पताल जाय ल परथे अउ खून चघा ल डॉक्टर मन कथे। ब्लड बैंक म खून रहे म मिल जथे नइते कोनो खून देवइया ल लाने बर परथे। अइसने बेरा म हमन चेत होथे कि बेरा बेरा म लोगन मन ल खून दान करना चाही।
खून दान करे ले खून देवइया मनखे के शरीर म चौबीस घंटा म खून के पूर्ति हो जथे। शरीर म नवा खून बने के गति बाढ़ जथे। हृदय रोग के आशंका नइ रहय। शरीर तरोताजा हो जथे। मन में खुशी होथे कि मोर सेती ककरो जीवन रक्षा हो सकत हे। केहे जथे मारने वाला ले बचाने वाला बड़े होथे। एक मनखे ह जब अपन शरीर ले एक घंव खून दान करथे त तीन महीना पाछू फेर वोहर खून दान कर सकथे। खून दान करइया मनखे के शरीर स्वस्थ रथे।
खून दान करइया के शरीर खून देके लइक हे कि नई एकर पहिली जांच करे जाथे। स्वस्थ मनखे के शरीर ले ही खून निकाले जाथे। वजन वोकर पैंतालीस किलो या एकर ले जादा होना चाही। एक मनखे के शरीर ले हेरे गे खून ल आधुनिक ढंग ले तीन मनखे बर उपयोग करे जाथे। माने एक मनखे खून दान करे ले तीन झन के जीवन बचाए जा सकथे।
खून अइसे जिनिस आय जेन ल बनाय नइ जा सकय। एकर केवल एक शरीर ले दूसर शरीर म स्थानांतरण करे जा सकथे। खून के दान ले खून के कमी ले जूझइया मन के जान बचाय जा सकथे। एकर सेती हमन ल बरपेली खून दान करे बर आगू आए ले परही।
खून दान मानवता के परिचायक आय। सब मनखे मन ल ये संकल्प करना चाही कि में ह हर तीन महीना म खून दान करहूं अउ मानवता के दिशा म अपन कर्तव्य के पालन करहूं। में ह नियमित रूप ले खून दान करथंव। आप मन घलो जागरूक बनव अउ नियमित रूप ले खून करे के उदिम करव।
डॉ. लूनेश कुमार वर्मा
रायपुर, छत्तीसगढ़