बनावटी व्यवहार
बनावटी व्यवहार समाज में ऐसे बहुत से लोग होते हैं, जो इसलिए नापसंद की जाते हैं, क्योंकि उनका व्यवहार बनावटी होता है। बनावटी व्यवहार का तात्पर्य सामने कुछ और व्यवहार करना और वास्तविक व्यवहार कुछ और होना होता है। ऐसे लोग जो सामने होने पर अच्छा व्यवहार करते हैं और पीठ पीछे बुराई करने लग जाते हैं। ऐसे ही लोगों के लिए कहा जाता है- मुंह में राम बगल में छुरी। जिनका भी इस तरह का दोगलापन व्यवहार होता है, उन पर कभी कोई विश्वास नहीं करता है। यदि हमें लोगों का विश्वास अर्जित करना है तो निश्चित रूप से सद्व्यवहार करना होगा। अपने कहे हुए पर अडिग रहना होगा। जो व्यक्ति अपने कहे हुए पर अधिक रहता है, वह सहज ही लोगों का विश्वास अर्जित कर लेता है। लोग किसी की इज्जत इसलिए नहीं करते हैं कि वह बड़ा व्यक्ति है। इज्जत इसलिए किया जाता है क्योंकि वह व्यक्ति सच्चरित्र होता है। ऐसे ही चरित्रवान व्यक्ति की यदि समाज में खोज की जाए तो शिक्षक वर्ग इसमें प्रायश: खरा उतरता है। शिक्षण केवल व्यवसाय मात्र नहीं है अपितु चरित्र निर्माण का महत्वपूर्ण उद्यम है। शिक्षक सदैव चरित्रवान रहकर अपने चरित्र ...